Poem On Mother In Hindi | New [31]+ माँ पर कविताएं (2021)

poem on mother in hindi

दोस्तों आज कि पोस्ट poem on mother in hindi मे माँ पर आधारित कुछ लोकप्रिय कविताओं का संग्रह किया गया हैं। इन कविताओं को आप मदर डे पर अपनी माँ को सुना सकते हैं। माँ की ममता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है | इस पुरे संसार की रचना करने वाली माँ है | इसलिए माँ के अनन्य प्रेम को उजागर करने के लिए हमने माँ पर कुछ कविताए लिखी हैं, जो इस प्रकार हैं।

Poem on mother in hindi – मम्मी मेरी प्यारी है

small poem on mother
Poem on mother in hindi

मम्मी मेरी प्यारी है
सारे जग से न्यारी है

हंसती है तो लगती है
खिली फूल की क्यारी है

ममता की वो मूरत है
सुंदर उसकी सूरत है

और किसी को हो न हो
उसको मेरी जरुरत है

Poem on mother – क्या सीरत क्या सूरत थी

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क्या सीरत क्या सूरत थी
माँ ममता की मूरत थी

पाँव छुए और काम बने
अम्मा एक महूरत थी

बस्ती भर के दुख सुख में
एक अहम ज़रूरत थी

सच कहते हैं माँ हमको
तेरी बहुत ज़रूरत थी

अन्य कविताएं –

Mothers day poem – आज मेरा फिर से मुस्कुराने

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आज मेरा फिर से मुस्कुराने का मन किया।
माँ की ऊँगली पकड़कर घूमने जाने का मन किया॥

उंगलियाँ पकड़कर माँ ने मेरी मुझे चलना सिखाया है।
खुद गीले में सोकर माँ ने मुझे सूखे बिस्तर पे सुलाया है॥

माँ की गोद में सोने को फिर से जी चाहता है।
हाथो से माँ के खाना खाने का जी चाहता है॥

लगाकर सीने से माँ ने मेरी मुझको दूध पिलाया है।
रोने और चिल्लाने पर बड़े प्यार से चुप कराया है॥

मेरी तकलीफ में मुझ से ज्यादा मेरी माँ ही रोयी है।
खिला-पिला के मुझको माँ मेरी, कभी भूखे पेट भी सोयी है॥

कभी खिलौनों से खिलाया है, कभी आँचल में छुपाया है।
गलतियाँ करने पर भी माँ ने मुझे हमेशा प्यार से समझाया है॥

माँ के चरणो में मुझको जन्नत नजर आती है।
लेकिन माँ मेरी मुझको हमेशा अपने सीने से लगाती है॥

Short poem on mother – सुन लो मेरी वाणी माँ

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ओ मेरी प्यारी माँ,
सारे जग से न्यारी माँ.
मेरी माँ प्यारी माँ,
सुन लो मेरी वाणी माँ.

तुमने मुझको जन्म नहीं दिया,
मुझ पर इतना उपकार किया.
धन्य हुई मैं मेरी माँ,
ओ मेरी प्यारी माँ.

अच्छे बुरे में फर्क बताया,
तुमने अपना कर्तव्य निभाया.
अच्छी बेटी बनूंगी माँ,
ओ मेरी प्यारी माँ.

करूंगी तेरा मैं गुणगान,
करूंगी तेरा मैं सम्मान.

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My mother poem – माँ भगवान का दूसरा रूप

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Poem on mother in hindi

” माँ भगवान का दूसरा रूप
उनके लिए दे देंगे जान,

हमको मिलता जीवन उनसे
कदमो में है स्वर्ग बसा

संस्कार वह हमे बतलाती
अच्छा बुरा हमे बतलाती

हमारी गलतियों को सुधारती
प्यार वह हमपर बरसती.

तबियत अगर हो जाए खराब
रात-रात भर जागते रहना

माँ बिन जीवन है अधुरा
खाली-खाली सुना-सुना

खाना पहले हमे खिलाती
बादमे वह खुद खाती

हमारी ख़ुशी में खुश हो जाती
दुःख में हमारी आँसू बहाती

कितने खुश नसीब है हम
पास हमारे है माँ

होते बदनसीब वो कितने
जिनके पास ना होती माँ….

Small poem on mother in hindi – मेरी प्यारी माँ तू कितनी प्यारी है

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मेरी प्यारी माँ तू कितनी प्यारी है
जग है अधियांरा तू उजियारी है
शहद से मिठी हैं तेरी बातें
आशीष तेरा जैसे हो बरसातें

डांट तेरी है मिर्ची से तीखी
तुझ बिन जिंदगी है कुछ फीकी
तेरी आंखों में छलकते प्यार के आँसू
अब मैं तुझसे मिलने को भी तरसूं

माँ होती है भोरी भारी
सबसे सुंदर प्यारी प्यारी…

A mother’s love poem – प्यारी प्यारी मेरी माँ

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माँ पर हिन्दी कविता

प्यारी प्यारी मेरी माँ
प्यारी-प्यारी मेरी माँ
सारे जाग से न्यारी माँ.

लोरी रोज सुनाती है,
थपकी दे सुलाती है.
जब उतरे आँगन में धूप,
प्यार से मुझे जगाती है.

देती चीज़ें सारी माँ,
प्यारी प्यारी मेरी माँ.

उंगली पकड़ चलाती है,
सुबह-शाम घुमाती है.
ममता भरे हुए हाथों से,
खाना रोज खिलाती है.

देवी जैसी मेरी माँ,
सारे जाग से न्यारी माँ….

Inspirational poem on mother in hindi – मेरी माँ मेरी प्यारी माँ

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” मेरी माँ मेरी प्यारी माँ
तूने जनम दिया मुझे
मुझे जीना सिखाया है

ममता के आँचल में तेरे
प्यार ही प्यार समाया है
जीवन की इस कड़ी धुप में
माँ तू प्यार का ठंडा साया है “

Short mother day poem – कैसा था नन्हा बचपन वो

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” कैसा था नन्हा बचपन वो
माँ की गोद सुहाती थी

देख देख कर बच्चो को वो
फूली नहीं समाती थी

जरा सी ठोकर लग जाती तो
माँ दौड़ी हुई आती थी

जख्मो पर जब दवा लगाती
आंसू अपने छुपाती थी

जब भी कोई जिद करते तो
प्यार से वो समझाती थी “

Mother to son poem – घुटनों से रेंगते रेंगते

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Poem on mother in hindi

घुटनों से रेंगते रेंगते
कब पैरों पर खड़ा हुआ
तेरी ममता की छाओं में

जाने कब बड़ा हुआ
काला टीका दूध मलाई
आज भी सब कुछ वैसा है

मैं ही मैं हूँ हर जगह
प्यार यह तेरा कैसा है?
सीधा साधा भोला भाला
मैं ही सबसे अच्छा हूँ,

कितना भी हो जाऊं बड़ा माँ
मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ !

Short poem on mother in hindi – चांदनी का शहर तारों की हर गली

चांदनी का शहरए तारों की हर गली
मां की गोदी में हम घूम आए।
नीला.नीला गगन चूम आए।

पंछियों की तरह पंख अपने न थे
ऊँचे उड़ने के भी कोई सपने न थे
मां का आँचल मिला हमको जबसे मगर
हर जलन हर तपन भूल आए।

दूसरों के लिए सारा संसार था
पर हमारे लिए मां का ही प्यार था
सारे नाते हमारे थे मां से जुड़े
मां जो रूठे तो जग रूठ जाए।

Mother day poem from kids – चुपके चुपके मन ही मन में

चुपके चुपके मन ही मन में
खुद को रोते देख रहा हूँ
बेबस होके अपनी माँ को
बूढ़ा होता देख रहा हूँ

रचा है बचपन की आँखों में
खिला खिला सा माँ का रूप
जैसे जाड़े के मौसम में
नरम गरम मखमल सी धूप
धीरे धीरे सपनों के इस
रूप को खोते देख रहा हूँ

बेबस होके अपनी माँ को
बूढ़ा होता देख रहा हूँ

छूट छूट गया है धीरे धीरे
माँ के हाथ का खाना भी
छीन लिया है वक्त ने उसकी
बातों भरा खजाना भी
घर की मालकिन को
घर के कोने में सोते देख रहा हूँ

Happy mother day poem – मेरी ही यादों में खोई

मेरी ही यादों में खोई
अक्सर तुम पागल होती हो
माँ तुम गंगा-जल होती हो!
माँ तुम गंगा-जल होती हो!

जीवन भर दुःख के पहाड़ पर
तुम पीती आँसू के सागर
फिर भी महकाती फूलों-सा
मन का सूना संवत्सर
जब-जब हम लय गति से भटकें
तब-तब तुम मादल होती हो।

व्रत, उत्सव, मेले की गणना
कभी न तुम भूला करती हो
सम्बन्धों की डोर पकड कर
आजीवन झूला करती हो
तुम कार्तिक की धुली चाँदनी से
ज्यादा निर्मल होती हो।

पल-पल जगती-सी आँखों में
मेरी ख़ातिर स्वप्न सजाती
अपनी उमर हमें देने को
मंदिर में घंटियाँ बजाती
जब-जब ये आँखें धुंधलाती
तब-तब तुम काजल होती हो।

हम तो नहीं भगीरथ जैसे
कैसे सिर से कर्ज उतारें
तुम तो ख़ुद ही गंगाजल हो
तुमको हम किस जल से तारें।
तुझ पर फूल चढ़ाएँ कैसे
तुम तो स्वयं कमल होती हो।

Short poem for mom – हे जननी, हे जन्मभूमि

हे जननी, हे जन्मभूमि, शत-बार तुम्हारा वंदन है|
सर्वप्रथम माँ तेरी पूजा, तेरा ही अभिनन्दन है||
तेरी नदियों की कल-कल में सामवेद का मृदु स्वर है|
जहाँ ज्ञान की अविरल गंगा, वहीँ मातु तेरा वर है|

दे वरदान यही माँ, तुझ पर इस जीवन का पुष्प चढ़े|
तभी सफल हो मेरा जीवन, यह शरीर तो क्षण-भर है|
मस्तक पर शत बार धरुं मै, यह माटी तो चन्दन है|
सर्वप्रथम माँ तेरी पूजा, तेरा ही अभिनन्दन है||१||

क्षण-भंगुर यह देह मृत्तिका, क्या इसका अभिमान रहे|
रहे जगत में सदा अमर वे, जो तुझ पर बलिदान रहे|
सिंह-सपूतों की तू जननी, बहे रक्त में क्रांति जहाँ,
प्रेम, अहिंसा, त्याग-तपस्या से शोभित इन्सान रहे|
सदा विचारों की स्वतन्त्रता, जहाँ न कोई बंधन है|
सर्वप्रथम माँ तेरी पूजा, तेरा ही अभिनन्दन है||

Best poem on mother – माई तेरी चुनरिया लहराई

ओ झीना झीना झीना रे उड़ा गुलाल
माई तेरी चुनरिया लहराई
झीना झीना झीना रे उड़ा गुलाल
माई तेरी चुनरिया लहराई

रंग तेरी रीत का रंग तेरी प्रीत का
रंग तेरी जीत का है लायी लायी लायी
रंग तेरी रीत का रंग तेरी प्रीत का
माई तेरी चुनरिया लहराई

जग से हारा नहीं मैं ख़ुद से हारा हूँ माँ
इक दिन चमकूँगा लेकिन तेरा सितारा हूँ माँ
माई रे.. माई रे.. तेरे बिन मैं तो अधूरा रहा
माई रे.. माई रे.. मुझसे ही रूठी मेरी परछाई

(Source : Infobells – Hindi)

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